राष्ट्रीय शिक्षा नीति में ‘धातु और अधातु’ के व्यावहारिक ज्ञान पर जोर, छात्रों को मिलेगा फायदा
देश की नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के तहत विज्ञान शिक्षा में एक महत्वपूर्ण बदलाव आया है। अब सिर्फ किताबी ज्ञान तक सीमित न रहकर, धातु और अधातु के बीच के अंतर को व्यावहारिक और प्रायोगिक तरीके से समझाने पर जोर दिया जा रहा है। सरकार का मानना है कि इससे छात्रों में वैज्ञानिक सोच विकसित होगी और वे दैनिक जीवन में इन तत्वों के महत्व को बेहतर ढंग से समझ पाएंगे। द भारत पोस्ट की विशेष रिपोर्ट। [16]